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Saturday, August 10, 2013

मेरी कविता, मेरा परिचय.

कुछ आस, कुछ निरास,
कुछ बुझी, बुझी सी प्यास,
कुछ विश्वासों के ढहने की टीस,
कुछ, न मिल पाने की खीज।
कुछ खुशबू, कुछ काटे
कुछ दूसरो से मिले, कुछ अपनों ने भी बांटे।
कुछ मेरी, कुछ तेरी कहानी
कुछ खरा - खारा सा पानी।
एक अनमने, मासूम बच्चे से दिल की
जीवन से आपाधापी।
मेरी कविता, मेरा परिचय,
मेरी आपबीती।

मेरी कविता, मेरा परिचय,
मेरी आपबीती।

3 comments:

  1. अपनी कहती, अपने मन की..

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  2. सहज कविता, सुंदर आपबीती ...

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  3. सच...हमारे शब्द हमारी पहचान बता देते हैं अक्सर...
    बहुत सुन्दर सहज अभिव्यक्ति...

    बधाई.

    अनु

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